5 Big Investment Mistakes Parents Make When Investing for Their Children

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बच्चों के लिए निवेश करते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियाँ?

हर माता-पिता का एक ही ख्वाब होता है—अपने बच्चे की सफलता। हम अपनी खुशियां कुर्बान कर देते हैं ताकि उनके पास वो सब हो जो हमारे पास नहीं था। लेकिन सोचिए, 15 साल बाद जब आपका बच्चा आपसे कहे कि पापा, मुझे विदेश जाकर पढ़ना है” या मुझे इस टॉप कॉलेज में एडमिशन लेना है” और तब आपको पता चले कि आपकी सालों की बचत उस खर्च के सामने आधी भी नहीं है…वह अहसास कैसा होगा?

निवेश करना सिर्फ पैसा जोड़ना नहीं है, यह अपने बच्चे के भविष्य को “गारंटी” देना है। लेकिन अक्सर हम अपनी नासमझी में ऐसी गलतियाँ कर जाते हैं जो हमारी मेहनत की कमाई को दीमक की तरह चाट जाती हैं।

5 बड़ी और गंभीर गलतियाँ हैं जिन्हें हर माता-पिता को आज ही सुधारना चाहिए |

1. "अभी तो बहुत वक्त है"—यही सबसे बड़ा धोखा है!

ज्यादातर माता-पिता निवेश तब शुरू करते हैं जब बच्चा स्कूल जाने लगता है। हमें लगता है कि अभी तो बच्चा छोटा है, बहुत टाइम पड़ा है।

  • कड़वा सच: निवेश की दुनिया में ‘वक्त’ ही ‘पैसा’ है। अगर आप बच्चे के पैदा होने पर ₹5,000 की SIP शुरू करते हैं, तो 20 साल में जो फंड बनेगा, वही फंड अगर आप 5 साल की देरी से शुरू करेंगे तो आपको लगभग दो गुना (Double) पैसा जमा करना होगा तब जाकर उतना ही फंड बनेगा।
  • सीख: “कल” कभी नहीं आता। बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट आने से पहले उसका इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार होना चाहिए।

2. महंगाई (Inflation) को नजरअंदाज करना—एक 'Silent Killer'

हम आज की कॉलेज फीस (मान लीजिए ₹5-10 लाख) को देखकर बचत करते हैं। लेकिन हम भूल जाते हैं कि 15 साल बाद वही फीस ₹30-40 लाख होने वाली है।

  • गलती: हम सामान्य महंगाई (6%) को देखते हैं, जबकि शिक्षा की महंगाई (Education Inflation) भारत में 10-12% की रफ्तार से बढ़ रही है।
  • सीख: अगर आप महंगाई को मात देने वाले रिटर्न (जैसे Mutual Funds या Equity) नहीं चुन रहे हैं, तो आप असल में अमीर नहीं बल्कि गरीब हो रहे हैं।

3. इंश्योरेंस पॉलिसी को 'इन्वेस्टमेंट' समझने की भूल

रिश्तेदार या एजेंट के कहने पर हम अक्सर ऐसी ‘चाइल्ड पॉलिसी’ ले लेते हैं जिसमें साल का ₹50,000 भरना होता है और 20 साल बाद ₹20-25 लाख मिलने का वादा होता है। सुनने में यह अच्छा लगता है, लेकिन…

  • हकीकत: इन प्लांस में रिटर्न मुश्किल से 4-5% होता है। इतने में तो आपका पैसा अपनी वैल्यू भी नहीं बचा पाएगा।
  • समाधान: इंश्योरेंस को निवेश से अलग रखें। अपने बच्चे के लिए एक शुद्ध टर्म प्लान (Term Plan) लें ताकि आपकी गैर-मौजूदगी में उसे पूरा पैसा मिले, और निवेश के लिए Diversified Equity Mutual Funds चुनें।

4. "सुरक्षा" के नाम पर सिर्फ FD और गोल्ड पर निर्भरता

हम भारतीयों का प्यार सोना (Gold) और बैंक FD के लिए जगजाहिर है। हमें लगता है यहाँ पैसा सुरक्षित है।

  • गलती: सुरक्षा का मतलब सिर्फ पैसा ‘बचना’ नहीं, बल्कि ‘बढ़ना’ भी है। 15-20 साल की लंबी अवधि के लिए अगर आप 100% पैसा सिर्फ FD में रख रहे हैं, तो आप अपने बच्चे के साथ वित्तीय अन्याय कर रहे हैं।
  • सीख: अपने पोर्टफोलियो में Equity (शेयर बाजार) का तड़का जरूर लगाएं। लंबी रेस में यही वो घोड़ा है जो आपको करोड़पति बना सकता है।

5. बच्चे के फंड को 'इमरजेंसी गुल्लक' समझना

यह सबसे कॉमन और दुखद गलती है। घर में शादी आई, कार खरीदनी है या घर की मरम्मत करानी है—हम सबसे पहले बच्चे की पढ़ाई के लिए रखे पैसों पर हाथ साफ करते हैं।

  • नुकसान: एक बार जब आप उस फंड से पैसा निकालते हैं, तो ‘कंपाउंडिंग’ का चक्र टूट जाता है।
  • समाधान: एक इमरजेंसी फंड (6 महीने का खर्च) अलग से रखें। बच्चे का निवेश एक ‘पवित्र’ पैसा होना चाहिए जिसे सिर्फ और सिर्फ उसके भविष्य के लिए ही छुआ जाए।

बच्चों के लिए 5 बेहतरीन निवेश विकल्प (5 Best Investment Options for Children)

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1.सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) - बेटियों के लिए सबसे सुरक्षित

अगर आपकी 10 साल से कम उम्र की बेटी है, तो यह सबसे बेहतरीन सरकारी स्कीम है।

  • क्यों चुनें: इसमें बैंक FD से ज्यादा ब्याज मिलता है और यह पूरी तरह टैक्स फ्री  है।
  • रिटर्न: वर्तमान में करीब 8.2% ब्याज।
  • खासियत: इसमें पैसा बेटी की 21 साल की उम्र पर या 18 साल की उम्र के बाद शादी/पढ़ाई के लिए निकाला जा सकता है।

2. इक्विटी म्यूचुअल फंड (SIP) - करोड़पति बनाने का रास्ता

लंबे समय (10-15 साल) के लिए यह सबसे ताकतवर विकल्प है।

  • क्यों चुनें: ऐतिहासिक रूप से म्यूचुअल फंड्स ने 12% से 15% तक का रिटर्न दिया है, जो महंगाई को आसानी से हरा देता है।
  • कैसे करें: आप ‘Index Fund’ या ‘Flexi Cap Fund’ में ₹500 या ₹1000 की छोटी SIP से शुरुआत कर सकते हैं।
  • फायदा: यहाँ आपका पैसा ‘शेयर बाजार’ की ताकत से बढ़ता है।

3. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) - सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न

जो माता-पिता बिल्कुल रिस्क नहीं लेना चाहते, उनके लिए PPF बेस्ट है।

  • क्यों चुनें: यह सरकारी गारंटी के साथ आता है और इसमें निवेश की गई राशि और ब्याज दोनों सुरक्षित रहते हैं।
  • समय सीमा: इसका लॉक-इन पीरियड 15 साल है, जो इसे बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए एक अनुशासित बचत बनाता है।
  • टैक्स लाभ: इसमें निवेश पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट मिलती है।

4. गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)

भारतीय शादियों में सोना अनिवार्य है, लेकिन फिजिकल गोल्ड (गहने) खरीदना महंगा पड़ता है (मेकिंग चार्ज की वजह से)।

  • क्यों चुनें: SGB में आपको सोने की कीमत बढ़ने का फायदा तो मिलता ही है, साथ ही सरकार हर साल 2.5% का अतिरिक्त ब्याज भी देती है।
  • फायदा: इसे संभाल कर रखने या चोरी होने का कोई डर नहीं होता।

5. चिल्ड्रंस गिफ्ट म्यूचुअल फंड्स (Children’s Gift Funds)

कई म्यूचुअल फंड कंपनियां खास तौर पर बच्चों के लिए ‘सोल्यूशन ओरिएंटेड’ फंड्स चलाती हैं।

  • क्यों चुनें: इसमें लॉक-इन पीरियड होता है, जिससे चाहकर भी आप पैसा बीच में नहीं निकाल सकते। यह निवेश को अनुशासित रखता है।
  • फायदा: ये फंड्स डेट (सुरक्षित) और इक्विटी (ग्रोथ) का मिश्रण होते हैं, जो रिस्क को कम कर देते हैं।

माता-पिता के लिए एक खास सलाह: "पैसा ही सब कुछ नहीं है"

आप करोड़ों रुपये जोड़ लें, लेकिन अगर आपके बच्चे को पैसे की कद्र नहीं है, तो वो सब बर्बाद हो जाएगा। उसे बचपन से ही ‘बचत’ (Savings) और ‘खर्च’ के बीच का अंतर सिखाएं। उसे बताएं कि उसकी पढ़ाई के लिए आप कितनी मेहनत से निवेश कर रहे हैं।

आपके बच्चे का भविष्य आपकी ‘किस्मत’ पर नहीं, आपके आज के ‘फैसलों’ पर निर्भर करता है। ऊपर दी गई गलतियों को आज ही अपनी लिस्ट से काटें और एक समझदार निवेशक बनें।

याद रखिए: एक छोटा-सा सही फैसला आपके बच्चे को वह पंख दे सकता है जिससे वह पूरी दुनिया नाप सके

आपके बच्चे का भविष्य आपकी ‘किस्मत’ पर नहीं, आपके आज के ‘फैसलों’ पर निर्भर करता है। ऊपर बताए गए विकल्पों में से अपनी जरूरत और रिस्क के हिसाब से 2-3 विकल्पों का चुनाव करें।

प्रो टिप: निवेश शुरू करने से पहले अपना ‘टर्म इंश्योरेंस’ और ‘हेल्थ इंश्योरेंस’ जरूर कराएं, ताकि आपकी गैर-मौजूदगी में भी बच्चे के निवेश पर कोई आंच न आए।

हमें कमेंट में बताएं: आप अपने बच्चे के लिए इनमें से कौन सा विकल्प चुनने वाले हैं? या अगर आपका कोई सवाल है, तो जरूर पूछें!

इस जानकारी को दूसरे माता-पिता के साथ शेयर करना न भूलें!

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