नए ज़माने के इस फ्रॉड से खुद को और अपने परिवार को कैसे बचाएं?
आज के digital India में हम सब online banking, UPI payments, video calls और e-documents पर भरोसा करने लगे हैं। लेकिन इसी भरोसे के बीच एक नया खतरा तेजी से फैल रहा है, जिसे Digital Arrest Scams कहा जा रहा है। कल्पना कीजिए, अचानक आपको एक कॉल आता है। सामने वाला खुद को पुलिस, CBI या cyber crime officer बताता है और कहता है कि आपके नाम पर गंभीर अपराध दर्ज हो चुका है। घबराहट में आपका दिमाग सुन्न हो जाता है। वह व्यक्ति आपको भरोसा दिलाता है कि अगर आप “cooperate” करेंगे तो मामला यहीं खत्म हो सकता है। यही वह पल होता है जब लोग ठगे जाते हैं।
2026 में Digital Arrest Scam इसलिए ज्यादा खतरनाक हो गया है क्योंकि यह सीधे इंसान के डर, इज्जत और परिवार की चिंता को निशाना बनाता है। यह लेख आपको डराने के लिए नहीं, बल्कि समझाने और सशक्त बनाने के लिए लिखा गया है। यहाँ आपको साफ और practical तरीके से बताया जाएगा कि यह scam कैसे काम करता है, किन लोगों को ज्यादा निशाना बनाया जाता है, और आप अपने परिवार को इससे कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। सही जानकारी ही सबसे मजबूत सुरक्षा है।
1. Digital Arrest Scam असल में होता क्या है और यह कैसे काम करता है
Digital Arrest Scam कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक psychological fraud technique है। इसमें scammer खुद को किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर यह दावा करता है कि आपके खिलाफ कोई गंभीर मामला चल रहा है। वह “digital arrest” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करता है ताकि बात ज्यादा technical और official लगे। असल में भारत के कानून या banking system में ऐसा कोई concept मौजूद ही नहीं है।
Scammer की पूरी रणनीति डर पर आधारित होती है। वह आपको यह महसूस कराता है कि आप कानून के शिकंजे में फँस चुके हैं और आपके पास बचने का सिर्फ एक ही रास्ता है—उसकी बात मानना। कई बार video call पर fake ID card, police uniform या forged documents दिखाए जाते हैं। यह सब इसलिए ताकि victim को लगे कि मामला real है।
असल एजेंसियाँ कभी भी फोन या video call पर arrest नहीं करतीं। किसी भी genuine legal action में proper notice, verification और समय दिया जाता है। Digital Arrest Scam में यह सब नहीं होता। यहाँ urgency पैदा की जाती है ताकि आप सोचने का समय न लें। यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है।
2. 2026 में Digital Arrest Scams क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं
2026 तक भारत में digital transactions और online identity का इस्तेमाल कई गुना बढ़ चुका है। इसी के साथ data leaks, fake profiles और social engineering techniques भी advanced हो गई हैं। Scammers अब random कॉल नहीं करते, बल्कि पहले से जानकारी जुटाकर कॉल करते हैं, जिससे उनकी बात ज्यादा believable लगती है।
इसके अलावा, remote work और online compliance की वजह से लोग digital processes को normal मानने लगे हैं। Scammer इसी mindset का फायदा उठाते हैं। वे कहते हैं कि “यह एक online investigation है” या “आपको physically बुलाने की जरूरत नहीं है”, जिससे victim को शक नहीं होता।
एक और बड़ा कारण awareness की कमी है। बहुत से लोग अब भी नहीं जानते कि असली banking और legal procedures कैसे काम करते हैं। जब scammer technical शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो लोग खुद को कम जानकार समझकर उसकी बात मान लेते हैं। यही gap scammers भरते हैं।
3. Scammers किन लोगों को ज्यादा निशाना बनाते हैं और क्यों
Digital Arrest Scam किसी एक age group तक सीमित नहीं है। लेकिन कुछ वर्ग ऐसे हैं जिन्हें ज्यादा target किया जाता है। Senior citizens को pension, FD या bank freeze का डर दिखाया जाता है। नौकरीपेशा लोगों को company reputation और नौकरी जाने की धमकी दी जाती है। छोटे व्यापारियों को GST, money laundering या fake invoices का डर दिखाया जाता है।
Scammer victim की social स्थिति और जिम्मेदारियों को समझकर डर पैदा करता है। वह जानता है कि लोग पैसे से ज्यादा इज्जत और परिवार की चिंता करते हैं। इसलिए यह scam emotional होता है, technical नहीं। यही वजह है कि पढ़े-लिखे और समझदार लोग भी इसमें फँस जाते हैं।
4. Digital Arrest Scam में इस्तेमाल होने वाले common तरीके
आज के समय में यह scam सिर्फ phone call तक सीमित नहीं है। Scammer multi-platform strategy अपनाते हैं। पहले कॉल, फिर WhatsApp पर fake notice, और फिर video call पर “official verification”। यह पूरा process victim को mentally trap कर लेता है।
कई बार victims को camera on रखने को कहा जाता है और बाहर किसी से बात करने से मना किया जाता है। यह isolation technique है, जिससे victim को alternative opinion न मिले। इसके बाद fine, security deposit या verification charge के नाम पर पैसे माँगे जाते हैं।
याद रखें, कोई भी सरकारी agency आपको secrecy में रखने को नहीं कहती। Transparency असली सिस्टम की पहचान है, secrecy scam की।a
5. RBI और बैंकिंग सिस्टम Digital Arrest जैसे मामलों को कैसे देखते हैं
RBI और banks का रुख इस मामले में साफ है। कोई भी bank या regulator कभी भी phone या video call पर arrest, fine या account verification के नाम पर पैसे नहीं माँगता। Banking system में हर process documented और traceable होता है।
अगर account में कोई issue होता भी है, तो customer को official channel के ज़रिये सूचना दी जाती है और समाधान के लिए समय दिया जाता है। Digital Arrest जैसे शब्द सिर्फ scam vocabulary का हिस्सा हैं, official terminology का नहीं।
6. Digital Arrest Scam से बचने के practical तरीके
सबसे जरूरी है शांत रहना। डर में लिया गया फैसला अक्सर गलत होता है। अगर ऐसा कॉल आए, तो कॉल काटना ही पहला सही कदम है। इसके बाद खुद bank या concerned authority के official number पर संपर्क करें।
परिवार में इस विषय पर खुलकर चर्चा करना भी बहुत जरूरी है, खासकर बुज़ुर्गों के साथ। Awareness ही सबसे बड़ी shield है। Cyber crime helpline पर report करना भी एक preventive कदम है, न कि कमजोरी।
7. अगर कोई आपके परिवार में इस scam का शिकार हो जाए तो क्या करें
अगर किसी ने गलती से पैसे ट्रांसफर कर दिए हों, तो panic करने की बजाय तुरंत action लेना जरूरी है। Bank को inform करें, transaction details सुरक्षित रखें और cyber crime portal पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी action होगा, उतनी recovery की संभावना बढ़ेगी।
सबसे अहम बात यह है कि victim को blame न करें। Scammer का मकसद ही emotional manipulation होता है। Support और सही guidance से ही आगे का नुकसान रोका जा सकता है।
Digital Arrest Scams 2026 की एक गंभीर लेकिन manageable सच्चाई हैं। सही जानकारी, awareness और presence of mind से इनसे बचा जा सकता है। याद रखें, कानून और बैंकिंग सिस्टम कभी भी डर के ज़रिये काम नहीं करते। अगर आप शांत रहते हैं और verify करते हैं, तो scammer की ताकत अपने-आप खत्म हो जाती है। खुद जागरूक रहें और अपने परिवार को भी सिखाएँ, क्योंकि digital सुरक्षा आज एक shared responsibility है।