Loan Ka Guarantor Banne Se Pehle Ye 5 Baatein Zaroor Jaan Lein!

लोन का गारंटर बनने से पहले ये जरूर जान लें !

आज के दौर में जब महंगाई और सपनों के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है, तो लोन लेना एक आम जरूरत बन गई है। अक्सर हमारे करीबी दोस्त या रिश्तेदार हमसे एक छोटा सा अनुरोध करते हैं—”बस एक साइन कर दो, तुम मेरे लोन का गारंटर बन जाओ।” सुनने में यह बात बहुत सामान्य लगती है और हम भावनात्मक जुड़ाव के कारण बिना सोचे-समझे हामी भर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटे से हस्ताक्षर के पीछे कितनी बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी छिपी होती है? जब आप किसी के लोन के लिए गारंटी देते हैं, तो बैंक की नजर में आप केवल एक गवाह नहीं होते, बल्कि उस कर्ज की वापसी के लिए बराबर के जिम्मेदार बन जाते हैं। 2026 के इस बदलते बैंकिंग परिदृश्य में, जहाँ क्रेडिट स्कोर और डिजिटल लेंडिंग के नियम और भी सख्त हो गए हैं, यह समझना बहुत जरूरी है कि आपके एक सिग्नेचर का आपके भविष्य पर क्या असर पड़ सकता है। यह लेख आपको डराने के लिए नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार वित्तीय साथी बनाने के लिए है, ताकि आप पूरी समझदारी के साथ यह फैसला ले सकें।

1. गारंटर होने का वास्तविक कानूनी मतलब

जब आप किसी व्यक्ति के लोन आवेदन पर गारंटर (Guarantor) के रूप में हस्ताक्षर करते हैं, तो आप बैंक को एक कानूनी वचन दे रहे होते हैं। सरल शब्दों में कहें तो, यदि मुख्य उधारकर्ता (Primary Borrower) किसी भी कारण से लोन की ईएमआई (EMI) चुकाने में विफल रहता है, तो उस पूरे कर्ज को चुकाने की कानूनी जिम्मेदारी सीधे आपके कंधों पर आ जाती है। बैंकिंग नियमों के अनुसार, बैंक को यह अधिकार है, कि वह मुख्य उधारकर्ता से पहले या उसके साथ-साथ आपसे भी वसूली की प्रक्रिया शुरू कर सके। कई बार लोग इसे केवल एक ‘फॉर्मेलिटी’ समझते हैं, लेकिन असल में यह एक ‘अनकंडीशनल लायबिलिटी’ है। उदाहरण के लिए, यदि आपके किसी मित्र ने बिजनेस लोन लिया और दुर्भाग्यवश वह व्यापार डूब गया, तो बैंक आपकी संपत्ति या आय से उस पैसे की वसूली कर सकता है। इसलिए, गारंटर बनने का मतलब है कि आप उस कर्ज को अपना ही कर्ज मान रहे हैं। आपको यह मानकर चलना चाहिए कि अगर उधारकर्ता ने हाथ खड़े कर दिए, तो पूरा आर्थिक बोझ आपको ही उठाना पड़ेगा।

2. आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ने वाला गंभीर असर

आज के समय में आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) आपकी सबसे बड़ी वित्तीय पहचान है। बहुत से लोग यह नहीं जानते कि जब आप किसी के लोन का गारंटर बनते हैं, तो वह लोन आपके क्रेडिट रिकॉर्ड में भी दिखाई देने लगता है। अगर मुख्य उधारकर्ता किस्तें चुकाने में देरी करता है, तो इसका सीधा नकारात्मक असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। मान लीजिए, आपके भाई ने कार लोन लिया है और उसने दो महीने की किस्त मिस कर दी, तो बैंक की रिपोर्ट में आपका स्कोर भी नीचे गिर जाएगा, भले ही आपने अपने खुद के सारे बिल समय पर चुकाए हों। 2026 के एडवांस क्रेडिट मॉनिटरिंग सिस्टम में अब बैंकों के पास रीयल-टाइम डेटा होता है। एक गारंटर के रूप में आपकी साख पूरी तरह से उधारकर्ता के वित्तीय अनुशासन से जुड़ जाती है। यदि वह डिफ़ॉल्ट करता है, तो भविष्य में जब आप खुद के लिए होम लोन या पर्सनल लोन के लिए आवेदन करेंगे, तो बैंक आपको ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में डाल सकता है या आपका आवेदन खारिज भी कर सकता है।

3. भविष्य में आपकी लोन पात्रता (Loan Eligibility) में कमी

गारंटर बनने का एक और तकनीकी पहलू आपकी ‘बोरोइंग कैपेसिटी’ यानी लोन लेने की क्षमता है। जब बैंक यह तय करते हैं कि आपको कितना लोन दिया जा सकता है, तो वे आपकी आय और मौजूदा देनदारियों का आकलन करते हैं। भले ही आप वह लोन खुद इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, लेकिन क्योंकि आप उसके गारंटर हैं, बैंक उस लोन की राशि को आपकी ‘संभावित देनदारी’ (Contingent Liability) मानता है। उदाहरण के तौर पर, यदि आपकी सैलरी ₹1 लाख है और आपने किसी के ₹50 लाख के होम लोन की गारंटी दी है, तो बैंक यह मानेगा कि आपकी आय का एक हिस्सा उस लोन को कवर करने के लिए ब्लॉक है। इसके परिणामस्वरूप, जब आप अपने परिवार के लिए कोई बड़ा निवेश या लोन प्लान करेंगे, तो बैंक आपको कम लोन ऑफर करेगा या आपकी एलिजिबिलिटी घटा देगा। यह स्थिति तब और जटिल हो जाती है जब आपको अचानक किसी इमरजेंसी के लिए फंड की जरूरत हो और आपकी गारंटी वाली फाइल आपके रास्ते का कांटा बन जाए।

4. बाहर निकलने का रास्ता और सीमित विकल्प

एक बार जब आप गारंटर के रूप में दस्तावेजों पर साइन कर देते हैं, तो उस जिम्मेदारी से पीछे हटना बहुत मुश्किल होता है। आप अपनी मर्जी से कभी भी गारंटर के पद से ‘इस्तीफा’ नहीं दे सकते। इससे बाहर निकलने का एकमात्र तरीका यह है कि मुख्य उधारकर्ता बैंक को एक ‘रिप्लेसमेंट गारंटर’ प्रदान करे जो बैंक की शर्तों पर खरा उतरता हो। इसके अलावा, बैंक की सहमति होना अनिवार्य है। अक्सर लोग सोचते हैं कि दोस्ती खत्म होने या रिश्ते बिगड़ने पर वे बैंक को लेटर लिखकर अपनी गारंटी वापस ले लेंगे, लेकिन कानूनी रूप से बैंक तब तक आपको मुक्त नहीं करेगा जब तक कि लोन पूरी तरह चुकता न हो जाए या कोई दूसरा मजबूत गारंटर उसकी जगह न ले ले। 2026 के नियमों के अनुसार, बैंक सुरक्षा को लेकर और भी सतर्क हो गए हैं। इसलिए, साइन करने से पहले खुद से पूछें कि क्या आप अगले 10-15 सालों तक (लोन की अवधि तक) उस व्यक्ति के साथ इस वित्तीय बंधन में बंधे रहने के लिए तैयार हैं?

5. गारंटर बनने से पहले जरूरी चेकलिस्ट

यदि आप पूरी तरह आश्वस्त हैं और किसी की मदद करना ही चाहते हैं, तो कुछ व्यावहारिक कदम उठाकर आप अपना जोखिम कम कर सकते हैं। सबसे पहले, उधारकर्ता की आय के स्रोत और उसकी रीपेमेंट हिस्ट्री की गहराई से जांच करें। केवल भावनात्मक बातों में न आएं, बल्कि उनके पिछले छह महीने के बैंक स्टेटमेंट और टैक्स रिटर्न (ITR) मांगें। आपको यह भी देखना चाहिए कि क्या लोन के बदले कोई कोलैटरल (संपत्ति) गिरवी रखी गई है; अगर प्रॉपर्टी गिरवी है, तो गारंटर का जोखिम थोड़ा कम हो जाता है। इसके अलावा, आप उधारकर्ता से एक ‘टर्म इंश्योरेंस’ पॉलिसी लेने के लिए कह सकते हैं जिसमें लोन की राशि कवर हो, ताकि उधारकर्ता के साथ कोई अनहोनी होने पर बैंक का पैसा बीमा कंपनी से मिल जाए और आपकी जेब सुरक्षित रहे।

गारंटर बनने के लिए जरूरी शर्तें:

  • उधारकर्ता का आय प्रमाण पत्र (Income Proof) देखें।
  • लोन एग्रीमेंट की सभी शर्तों (Terms & Conditions) को ध्यान से पढ़ें।
  • एक बैकअप प्लान रखें कि अगर आपको किस्त चुकानी पड़ी, तो आप कैसे मैनेज करेंगे।
  • उधारकर्ता को लाइफ इंश्योरेंस लेने के लिए प्रेरित करें।

 

किसी की मदद करना एक नेक काम है और भारतीय संस्कृति में हम रिश्तों को बहुत महत्व देते हैं। लेकिन वित्तीय मामलों में भावुकता से अधिक समझदारी की जरूरत होती है। लोन का गारंटर बनना सिर्फ एक हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक जोखिम है जो आपकी सालों की मेहनत और क्रेडिट हिस्ट्री को प्रभावित कर सकता है। 2026 के इस दौर में जहाँ वित्तीय सुरक्षा सर्वोपरि है, वहां गारंटर बनने का फैसला तभी लें जब आप उस व्यक्ति पर अटूट भरोसा करते हों और खुद उस आर्थिक भार को उठाने की क्षमता रखते हों। जागरूक रहें और अपनी वित्तीय सेहत को प्राथमिकता दें।

क्या आप जानना चाहते हैं,कि क्रेडिट स्कोर को तेजी से कैसे सुधारें? हमारे अगले लेख में इसके बारे में विस्तार से पढ़ें।

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