पेंशन पेंडिंग है, तो कहां शिकायत करें?
रिटायरमेंट के बाद हर बुजुर्ग की सबसे बड़ी ताकत उसकी पेंशन होती है। पूरी उम्र मेहनत करने के बाद जब सम्मान की इस राशि के आने में देरी होती है, तो यह केवल आर्थिक समस्या नहीं बल्कि एक गहरा मानसिक तनाव बन जाती है। अक्सर देखने में आता है कि तकनीकी खामियों, डॉक्यूमेंटेशन की कमी या बैंक की लापरवाही की वजह से पेंशन पेंडिंग हो जाती है और बुजुर्ग व्यक्ति एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हो जाता है। साल 2026 में डिजिटल इंडिया और बैंकिंग सुधारों के बावजूद, सिस्टम में कहीं न कहीं पेच फंस ही जाता है। अगर आपकी भी pension pending है या समय पर खाते में नहीं आ रही है, तो आपको घबराने की बिलकुल ज़रूरत नहीं है। भारत सरकार और विभिन्न पेंशन नियामक संस्थाओं ने शिकायत निवारण के लिए बहुत ही सरल और प्रभावी तंत्र बना रखे हैं। इस लेख का उद्देश्य आपको एक सही दिशा दिखाना है ताकि आप बिना किसी एजेंट के चक्कर लगाए, खुद अपनी समस्या का समाधान पा सकें। याद रखिए, यह आपका अधिकार है और सही जानकारी के साथ आप इस समस्या को बहुत जल्दी सुलझा सकते हैं।
संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क करें !
पेंशन न आने की स्थिति में सबसे पहला और प्राथमिक कदम आपके उस बैंक की शाखा से शुरू होता है जहाँ आपका पेंशन खाता है। अक्सर हम बैंक के क्लर्क या कैशियर से पूछकर लौट आते हैं, लेकिन समाधान वहां नहीं बल्कि ‘Grievance Redressal Cell’ में होता है। हर बैंक का एक ‘Nodal Officer’ होता है जो विशेष रूप से पेंशन संबंधी शिकायतों को देखता है। आपको अपनी शिकायत लिखित रूप में बैंक मैनेजर को देनी चाहिए और उसकी रिसीविंग (पावती) ज़रूर लेनी चाहिए। 2026 के बैंकिंग नियमों के अनुसार, अब बैंकों के पास पेंशन शिकायतों के लिए एक निश्चित समय सीमा होती है। अगर बैंक आपकी बात नहीं सुनता है, तो आप उनके ऑनलाइन पोर्टल पर ‘Internal Ombudsman’ को भी शिकायत भेज सकते हैं। कई बार समस्या सिर्फ ‘Life Certificate’ या ‘KYC’ अपडेट न होने की वजह से होती है, जिसे बैंक स्तर पर तुरंत ठीक किया जा सकता है। इसलिए, अपनी शिकायत में अपना पीपीओ (PPO) नंबर और बैंक अकाउंट डिटेल्स स्पष्ट रूप से लिखें।
CPENGRAMS पोर्टल का प्रभावी उपयोग |
अगर बैंक के स्तर पर आपकी समस्या का समाधान 15 से 30 दिनों के भीतर नहीं होता है, तो भारत सरकार का CPENGRAMS (Centralized Pension Grievance Redressal and Monitoring System) सबसे शक्तिशाली हथियार है। यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसे खास तौर पर केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए बनाया गया है, लेकिन अब इसमें राज्य और अन्य विभागों की शिकायतों के लिए भी विकल्प मौजूद हैं। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहाँ दर्ज की गई शिकायत सीधे संबंधित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में होती है। जब आप यहाँ अपनी शिकायत दर्ज करते हैं, तो आपको एक ‘Registration Number’ मिलता है जिससे आप अपनी शिकायत का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। साल 2026 में इस पोर्टल को और भी ज़्यादा यूज़र-फ्रेंडली बनाया गया है, जहाँ आप अपने दस्तावेज भी अपलोड कर सकते हैं। यहाँ शिकायत दर्ज करते समय आपको कुछ जरूरी जानकारी साथ रखनी चाहिए:
- PPO (Pension Payment Order) नंबर
- रिटायरमेंट की तारीख और विभाग का नाम
- बैंक की शिकायत का पिछला रिकॉर्ड (यदि कोई हो)
- आधार कार्ड और संपर्क सूत्र
पेंशन वितरण प्राधिकरण (PDA) को रिपोर्ट करना I
कई बार पेंशन बैंक की गलती से नहीं बल्कि ‘Pension Disbursing Authority’ यानी PDA के स्तर पर रुकी होती है। अगर आप डिफेंस (रक्षा) से हैं, तो आपका मामला ‘SPARSH’ पोर्टल या PCDA (Prayagraj) से संबंधित हो सकता है। वहीं रेलवे या पोस्टल डिपार्टमेंट के लिए अलग शिकायत केंद्र होते हैं। आपको यह समझना होगा कि बैंक केवल एक माध्यम है, असली मंजूरी आपके विभाग से आती है। यदि आपके विभाग ने आपकी फाइल को ‘Pension Sanctioning Authority’ (PSA) के पास आगे नहीं बढ़ाया है, तो बैंक कुछ नहीं कर पाएगा। ऐसी स्थिति में आपको अपने विभाग के ‘Head of Office’ को एक औपचारिक पत्र लिखना चाहिए। 2026 के नए नियमों के तहत अब डिजिटल ट्रैकिंग अनिवार्य है, इसलिए आप अपने विभाग की वेबसाइट पर जाकर ‘Pensioner’s Portal’ के जरिए यह देख सकते हैं कि आपकी फाइल किस टेबल पर रुकी हुई है। यह कदम उठाना इसलिए जरूरी है क्योंकि कई बार एरियर (Arrears) की गणना में देरी होने के कारण भी पेंशन पेंडिंग लिस्ट में चली जाती है।
बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) की भूमिका
यदि बैंक आपकी शिकायत को नजरअंदाज कर रहा है या 30 दिनों के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है, तो आप RBI Banking Ombudsman के पास जा सकते हैं। यह एक स्वतंत्र संस्था है जो बैंकों की कार्यप्रणाली और उनकी गलतियों पर लगाम लगाती है। पेंशन से जुड़े मामलों में लोकपाल बहुत सख्त होता है। यदि बैंक की गलती की वजह से आपकी पेंशन में देरी हुई है, तो लोकपाल बैंक को निर्देश दे सकता है कि वह आपको उस देरी के लिए हर्जाना (Interest) भी दे। ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना बहुत आसान है और इसके लिए आपको किसी वकील की ज़रूरत नहीं पड़ती। बस सुनिश्चित करें कि आपके पास बैंक को दी गई पिछली शिकायत का प्रमाण मौजूद हो। साल 2026 में आरबीआई ने अपनी ‘Integrated Ombudsman Scheme’ को और अधिक सशक्त किया है, जिससे अब डिजिटल माध्यमों से शिकायत करना और उसका निस्तारण पाना पहले से कहीं अधिक तेज हो गया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है और वरिष्ठ नागरिकों को इसमें प्राथमिकता दी जाती है।
कानूनी विकल्प और पेंशनर एसोसिएशन की मदद
जब सभी सरकारी और प्रशासनिक रास्ते बंद हो जाएं, तब कानूनी विकल्प बचता है, लेकिन उससे पहले ‘Pensioners’ Associations’ की मदद लेना एक बहुत ही समझदारी भरा कदम होता है। भारत के लगभग हर शहर में रिटायर्ड कर्मचारियों के संगठन होते हैं, जिनमें अनुभवी लोग होते हैं जो सिस्टम की पेचीदगियों को समझते हैं। ये संगठन अक्सर सामूहिक रूप से दबाव बनाने में मदद करते हैं। यदि फिर भी समाधान न निकले, तो आप ‘Central Administrative Tribunal’ (CAT) या उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं। ध्यान रहे कि पेंशन को सुप्रीम कोर्ट ने ‘Property’ माना है, कोई ‘खैरात’ नहीं, इसलिए इसे रोकना या इसमें देरी करना आपके मौलिक अधिकारों का हनन है। कानूनी नोटिस भेजने मात्र से ही विभाग हरकत में आ जाते हैं। हालांकि, कोर्ट जाने से पहले आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को एक चेकलिस्ट की तरह देख लेना चाहिए ताकि कोई कमी न रहे:
- क्या आपका ‘Digital Life Certificate’ (Jeevan Pramaan) सफलतापूर्वक सबमिट हुआ है?
- क्या आपके बैंक अकाउंट में नाम की स्पेलिंग PPO से मैच करती है?
- क्या आपने पिछले 6 महीनों के बैंक स्टेटमेंट की जांच की है?
- क्या आपने संबंधित विभाग को कम से कम दो लिखित रिमाइंडर भेजे हैं?
पेंशन में देरी होना निश्चित रूप से एक कठिन समय होता है, लेकिन सही जानकारी और धैर्य के साथ इस समस्या को हल किया जा सकता है। हमने इस लेख में बैंक के नोडल अधिकारी से लेकर लोकपाल और ऑनलाइन पोर्टल्स तक के सभी विकल्पों पर चर्चा की है। साल 2026 के इस दौर में तकनीक आपके पास है, बस आपको सही बटन दबाने की ज़रूरत है। कभी भी अपनी मूल कागजी कार्रवाई (Original Documents) किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें और हमेशा आधिकारिक वेबसाइटों का ही उपयोग करें। अगर आपकी पेंशन पेंडिंग है, तो आज ही अपनी शिकायत दर्ज कराएं और अपने हक के लिए आवाज उठाएं। व्यवस्था आपकी मदद के लिए ही बनी है, बस उसे सक्रिय करने की जिम्मेदारी आपकी है।
क्या आप चाहते हैं कि मैं आपके लिए CPENGRAMS पर शिकायत दर्ज करने का स्टेप-बाय-स्टेप स्क्रीनशॉट गाइड तैयार करूँ या किसी विशेष पेंशन स्कीम के नियमों के बारे में जानकारी दूँ?